top of page
  • Writer's pictureMaxout Global

एसएमई आईपीओ क्या है, हिंदी में, और एसएमई आईपीओ के कौन-कौन से फायदे हैं? (Sme ipo means in hindi )

Updated: May 21

एसएमई आईपीओ मीन्स (SME IPO Means) का मतलब है छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) का प्राथमिक बाजार में निवेश आमंत्रण (Initial Public Offering)। इसका उद्देश्य है एसएमई को बाजार से पूंजी जुटाने, उनकी वित्तीय स्थिति को सुधारने और उनकी दृष्टि को बढ़ाने में मदद करना। एसएमई आईपीओ मीन्स, एसएमई को अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर तरीके से प्रचारित करने, अपने ग्राहकों और साझेदारों के साथ विश्वसनीयता बनाने और अपने प्रतिस्पर्धी से आगे निकलने का मौका मिलता है।

"अपने व्यापार को नई ऊंचाई दें - मैक्सआउट ग्लोबल के साथ SME एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करें और अपनी कंपनी की संभावनाओं को खोलें। अधिक जानें"


एसएमई आईपीओ मीन्स के साथ जानिए एसएमई आईपीओ के लिए योग्यता मानदंड कौन-कौन से हैं?


एसएमई का नेट वर्तमान मूल्य (Net Worth) कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

एसएमई का नेट टैंगिबल एसेट्स (Net Tangible Assets) कम से कम 3 करोड़ रुपये होना चाहिए।

एसएमई का निवेशकों से जुड़ाव (Track Record) कम से कम 3 वर्ष का होना चाहिए।

एसएमई का निवेशकों को देने वाला लाभ (Positive Cash Flow) कम से कम 2 वर्ष का होना चाहिए।

एसएमई का निवेशकों को देने वाला लाभ (Distributable Profits) कम से कम 2 वर्ष का होना चाहिए।

मतलब एसएमई आईपीओ मीन्स , एसएमई आईपीओ के मानदंड का पालन करना .


"व्यापारिक सफलता की ओर पहला कदम बढ़ाएं - आज ही मैक्सआउट ग्लोबल से संपर्क करें और SME एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हों। कैसे? यहाँ देखें"


एसएमई आईपीओ मीन्स के साथ जानिए एसएमई आईपीओ के लिए प्रक्रिया कैसी है?


एसएमई को एक बुक रनिंग लीड मैनेजर (Book Running Lead Manager) को नियुक्त करना होगा, जो उनकी आईपीओ की तैयारी, प्रचार और बिक्री में मदद करेगा।

एसएमई को एक रजिस्ट्रार (Registrar) को नियुक्त करना होगा, जो उनकी आईपीओ की आवेदन, आवंटन और लिस्टिंग में मदद करेगा।

एसएमई को एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पत्र (Draft Prospectus) तैयार करना होगा, जिसमें उनके व्यवसाय, वित्तीय, जोखिम, उद्देश्य और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होंगी।

एसएमई को अपना ड्राफ्ट प्रस्ताव पत्र (Draft Prospectus) बाजार नियामक (Market Regulator) यानी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) को प्रस्तुत करना होगा।

एसएमई को अपना ड्राफ्ट प्रस्ताव पत्र (Draft Prospectus) बाजार में जारी करना होगा, जिससे निवेशकों को उनके आईपीओ के बारे में जानकारी मिल सके।

एसएमई को अपने आईपीओ का मूल्य बंधक (Price Band) तय करना होगा, जो उनके शेयर का न्यूनतम और अधिकतम मूल्य होगा।

एसएमई को अपने आईपीओ का बिडिंग (Bidding) शुरू करना होगा, जिसमें निवेशकों को उनके शेयर के लिए अपनी बोली लगानी होगी।

एसएमई को अपने आईपीओ का आवंटन (Allotment) करना होगा,


आपको अगर एसएमई आईपीओ मीन्स के बारे में अधिक जानना है और आपकी कंपनी स्टॉक एक्सचेंज पे लिस्ट करना है तो आप हमें कांटेक्ट कीजिये.






Comentarios


bottom of page